Safarnama
जाने वाले नज़र नहीं आयन !
फासले उम्र के बड़ा जायं !!
चैन पावून न इस इमारत मैं !
जाने वाले सकूं ले जायं !!
फासले दो हाथ के मगर फिर बी !
ढूँढने निकले तो दो आसमान जायं !!
बुत तराशूं तेरी इबादत मैं !
आँख नम हो तो वो बदल जायं !!
हूँ मुसाफिर किया खबर कल की !
मंजलें नज़र आयें तो रास्ते बदल जायं !!
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