इस जीवन की अजब कहानी!
इक चिडया इक टाहरा पानी !!
पर्चायूं मैं आक्स वह ढूँढे!
और्ड गए वह सब पंख मिला के !!
बात बनाऊं बात बने ना !
लफ्ज़ जो ढूँढों अल्फाज़ बने ना !!
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वह चिडया चुन चुन के लाईय !
तिनके तिनके घर को सजाय !!
शाम हुई घर खली खली !
ऑर्ड गेय वह सब पंख पहिला के !!
जब जीवन की शाम मैं आयां !
आँख से बस शबनम छल जाइये !!
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आज जाने ना क्या अजब सा ख्वाब आया!
दिल मैं था वह मेरे और मैं सारा जहाँ ढून्ढ आया !!
सब चोरहय सारी गल्यान छान डाली हम ने !
ना मिला तूं ना मेरी आन्खून को सकूं आया!!
हाय हाय होती रही दिल के हर कोने मैं !
के बंध आंखून से मेरे जज्बात इ अश्क निकल आया!!
हे तसावर के हर लम्हा मेरी आंखून मैं रहओ!
के मैं इस दिल को सरे बाज़ार बेच आया !!
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उमेरयं दराज़ हूँ यह दूवा डे गया कोई !
के बुजती से आतिशूं को हवा डे गया कोई !!
इक मुदातून से यार हम खाना बदूश हैं !
के मरे करीब वाली चेराह्गा जला गया कोई !!
मेरे वजूद से ऊस का मुकाम था बहोत बड़ा !
फिर बी मिला के हाथ इक रिश्ता बना गया कोई !!
छु के जिसे मैं पा सकूं वह ख्वाब तुम नहीं !
जब बी होए हो पास मेरे के नींद से जगा गया कोई !!!
मुज को सलाम देने वह आया है दूर से !
आज फिर से मेरी रूह पे अहसान कर गया कोई !!
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